Posted by Team Photo Basics

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Best dslr under 30000 | Best camera under 30000 in India 2019|

Photo by C. Cagnin from Pexels

7 Best dslr under 30000 in India 2019 |


 फोटोग्राफी एक  महंगे शौक है यह तो सभी लोग कहते हैंलेकिन शुरुआती तौर पर यह जरूरी नहीं कि आप महंगे कैमरा में ही इन्वेस्ट करेअगर आप एडवांस फोटोग्राफी सीखना चाहते हैं  तो DSLR  से अच्छी पसंद  कुछ नहीं हो सकतीयह आपको फोटोग्राफी के एकदम मूल नियम वह तकनीक सीखने में सहायता करेगा |

 क्योंकि डीएसएलआर  एक इन्वेस्टमेंट है इसलिए  अगर आप फोटोग्राफी में  नए  है  तो आपको  शुरुआती लेवल के  डीएसएलआर  खरीदनी चाहिए  और जैसेजैसे आप अपना ज्ञान  बढ़ाते जाएंगे  वैसे वैसे आप प्रोफेशनल और महंगे डीएसएलआर के लिए भी जा सकते हैं|

 आपके लिए  Best camera under 30000 in india 2019  का चयन इस आर्टिकल में किया है |जो आपको शुरुआती तौर पर फोटोग्राफी सीखने में काफी सहायता करेंगे |

Canon Eos 1300D

FUJIFILM X-T100

Canon EOS 1500D

Nikon D5200

NIKON D3400

 

यह चारों के चारों कैमरा आपके लिए शॉर्टलिस्ट  किए हैंहै नीचे इन कैमरा के बारे में बताया है की आपको कोनसा कैमरा  क्यों खरीदना चाहिए |


Canon Eos 1300D

Canon 1300 d
Canon 1300D Image Source :- Flipkart

मेगापिक्सेल :- 18 मेगा पिक्सेल

वीडियो रेसोलुशन :- फुल HD

सेंसर :- APS-C CMOS

वजन :- 458  ग्राम

 ISO रेंज:- 100 – 6400

यह कैमरा वाईफाई फीचर के साथ आता है जिसके जरिए आप अपनी तस्वीरें खींच कर अपने फोन में डायरेक्ट ट्रांसफर कर सकते हैयह सीक्रेट कैमरा को काफी आसान बना देता है  फोटो ट्रांसफर करने के मामले में |

 इस कैमरा में DICIG 4+  प्रोसेसर है जो कि आपकी इमेज को काफी अच्छे कलर्स और काफी अच्छी डीटेल्स देता है |

 इस कैमरे की कीमत यहां देखें :-

FUJIFILM X-T100

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fujifilm X-T 100

ये सच है की ये एक मिर्रोरलेस कैमरा है लेकिन इसके बावजूद ये dslr से बहुत मिलता जुलता है |

इस कैमरा की बैटरी लाइफ कमाल की है और वेट भी डसलर से कम | इसकी एक खास बात की ये 4k रिकॉर्डिंग करता है लेकिन 15 fps पर| इस कैमरा के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए निचे क्लिक करे |

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Canon EOS 1500D

Canon 1500 D
Canon 1500D Image Source :- Amazon.in

मेगापिक्सेल :- 24 मेगा पिक्सेल

वीडियो रेसोलुशन :- फुल HD

सेंसर :- APS-C CMOS

वजन :- 475 ग्राम

 ISO रेंज:- 100 – 6400

Canon EOS 1500D का रेसोलुशन 24 मेगापिक्सेल है जिसकी वजह से इसमें खींची गयी तस्वीर में काफी डिटेल्स देखने को मिल जाती है | इसमें भी आपको wifi सपोर्ट मिलेगा और यह कैमरा दिगिक 4 + प्रोसेसर पर चलता है|

इस कैमरा को सिखने में आपको बिलकुल परेशानी नहीं होगी क्योंकि इसके अंदर बेहद काम बटन्स है और कुछ ऐसे भी बटन्स है जिन्हे आप अपने हिसाब से सेट कर सकते है |

यहाँ देखे कितने का है


Nikon D5200

Nikon D5200
Nikon D5200 Image Source :- Digital Rev

मेगापिक्सेल :- 24.1 मेगा पिक्सेल

वीडियो रेसोलुशन :- फुल HD

सेंसर :- APS-C CMOS

वजन :- 505 ग्राम

 ISO रेंज:- 100 – 6400(इसे बढाया जा सकता है 25600 तक)

Nikon D5200 में Expeed 3 इमेजप्रोसेसर इंजन फोटो के रंगो को सुधरने में बहुत बड़ा

योगदान देता है |

इसका RGB पिक्सेल सेंसर एकदम सही ब्राइटनेस पतालगलेता है जोकी बहुत  उपयोगी है |

इसके साथ साथ ही इसके आईएसओ को 25600  तक बढ़ाया जा सकता है  जो कि हमें किसी भी लाइफ में फोटो  खींचना आसान बना देता है |

 इसके साथ साथ इसमें आपफोटोज एक साथ खींच सकते हो बिना रुकेजोकि आपकी तेज भागते हुए सब्जेक्ट को आसानी से कैप्चर करने में मदद करता है |

 यहाँ देखे  कितने का है


NIKON D3400

        मेगापिक्सेल :- 24.1 मेगा पिक्सेल

         वीडियो रेसोलुशन :- फुल HD , 60 एफपीएस भी रिकॉर्ड करता है

       सेंसर :- APS-C CMOS

       वजन :- 445 ग्राम

       ISO रेंज:- 100 – 6400(इसे बढाया जा सकता है 25600 तक)

NIKON D3400 बेहद भरोसेमंद कैमरा हैयह लगातारएफपीएस  यानी फ्रेम पर सेकंड पर  फोटो खींच सकता है|

 इसकी बैटरी भी काफी अच्छी है यह एक बारी में 1200  फोटोज तक खींच सकती है |

 दूसरी खूब इसमें यह है कि है वाईफाई कनेक्टिविटी देता हैऔर इसमें भी EXPEED 4 प्रोसेसर है  जो आपकी फोटो को  ओढ़नी हारकर आपके सामने पेश करता है|

 इस कैमरा के जरिए  आप  60 फ्रेम पर सेकंड पर  वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर सकते हैं|

 इन सभी खूबियों के साथ साथ  यह कैमरा आपको  25600  तक की आईएसओ रेंज देता है |

 यहां देखें कितने का है


 इन कैमरा में और भी बहुत सारे फीचर्स है लेकिन इस आर्टिकल में सिर्फ और सिर्फ वही दिखाया गया है जो कि इन कैमरा को बाकी कैमरा से अलग दिखाता है|

Best dslr under 30000 in India 2019

की लिस्ट में कुछ और cameras भी है | ये DSLR नहीं है ब्रिज कैमरा है | इनका लेंस चेंज नहीं कर सकते लेकिन इनका ज़ूम बहुत अच्छा होता है | यह cameras में भी मैन्युअल कण्ट्रोल है जानिए कोनसे है वो cameras .

Canon PowerShot SX430 IS Bridge Camera

Image contains camera canon sx430
Sx430 Source :- Canon NZ

इस कैमरा के कुछ खास फीचर्स है |

कैमरा का वजन830 g
कैमरा का साइज19.6 x 16.4 x 15.2 cm
कैमरा की बैटरी1 Lithium ion batteries required.
कैमरा का Resolution20 megapixels
इसका Optical Zoom45 X
इसका Optical Sensor Resolution20 Megapixels
इसका Video Capture Resolutionfull hd (1920×1080)
Connector TypeWi-Fi, NFC

इस कमेरा को आप 45 गुना ज्यादा ज़ूम कर सकते हो | यानी अगर आपको वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी में रुचि है या आप को पक्षिओ में है रुचि तो आप इस कैमरा को आजमा सकते हो |

ज्यादा जानकारी और इसका प्राइस जानने के लिए निचे क्लिक करे |

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Sony CyberShot DSC-H300 Point & Shoot Camera

image contains sony point and shoot camera it is the best camera under 30000
Sony Point and shoot Source :- Sony India

इस कैमरा के कुछ खास फीचर्स

कैमरा का वज़न590 g
कैमरा का साइज9.2 x 12.8 x 8.9 cm
बैटरीज2 AA batteries required.
कैमरा का रेसोलुशन20.1 megapixels
इमेज StabilisationYes
कैमरा का optical ज़ूम35 X
कैमरा का Digital Zoom2 X
वीडियो स्क्रीन रेसोलुशन720p HD Ready
मैक्स Resolution20.4 Megapixels
Max Shutter Speed30 Seconds
Min Shutter Speed1/1500 Seconds
Min Aperture3
Min Focal Length27.2 Millimeters
वीडियोस Capture Resolutionhd (1280×720)
फ़्लैश मोड्सAuto / Flash on / Slow Synchro / Advanced Flash / Flash Off
इसका viewfinderdigital
Audio Recording होती हैYes
Auto FocusYes
Redeye ReductionYes
Self TimerYes

इस कैमरा में DSLR जैसे ही क्रिएटिव कंट्रोल्स है और इसमें इमेज स्टैबिलिसशन भी है मतलब आपके ज़ूम करने के बाद भी शॉट्स बलर नहीं होंगे | यह आपको मैन्युअल कण्ट्रोल देता है जिसके वजह से आप मैन्युअली अपर्चर , shutter speed जैसे फैक्टर्स को कण्ट्रोल कर सकते है | यह कैमरा आपको अंदर ही पैनोरमा खींचने का ऑप्शन भी देता है |

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 अगर आपको इनमें से कोई भी कैमरा पसंद आता है तो उसके नाम पर क्लिक करके आप यह कैमरा के बारे में और जानकारी जान सकते हैं |

तो यह थे कुछ Best dslr under 30000 in india 2019

अगर यह आर्टिकल आपको अच्छा लगा तो इसे जरूर शेयर करेंऔर यदि फोटोग्राफी से संबंधित कोई और जानकारी आप लेना चाहते हैं  तो इस वेबसाइट पर और बहुत से आर्टिकल है जो कि आपके काफी सारे सवालों के जवाब दे देंगे |

 अगर आप इसके इलावा भी कोई कैमरा जानते हैं  जो इस लिस्ट में  जुड़ना चाहिए तो वह मुझे कमेंट में बताएं |

 इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए धन्यवाद |

Selfie Poses Ideas यहाँ देखे |

Camera films with different ISOISO
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ISO in Photography क्या होता है ? Digital Photography में इसका क्या उपयोग है |

Camera films with different ISO
Camera films with different ISO

ISO in Photography क्या होता है ? Digital Photography में इसका क्या उपयोग है |

ISO भी शटर और अपर्चर की तरह फोटो को एक्सपोज़ करने में सहायता करता है |  लेकिन अक्सर बहुत से लोग ISO   को ठीक से समझ नहीं पाते |  इस आर्टिकल में मैं आपको ISO  को बेहद ही आसान भाषा में  सिखाने की कोशिश करूंगा |

ISO  सीखने से पहले यदि आप नहीं जानते कि अपर्चर या शटर किसे कहते है |

 यहां क्लिक करके जानें कि अपर्चर क्या होता है शटर स्पीड किसे कहते है |

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 ISO को बेहद ही आसान भाषा में यूं कहा जा सकता है कि यह एक इंटरनेशनल आर्गेनाइजेशन ऑफ़ स्टैंडर्डज़ेशन है |   जो किसी भी चीज के एक वैल्यू डिसाइड करती है जो कि स्टैंडर्ड हो जाती है|   फोटोग्राफी में ISO   कैमरा सेंसर की लाइट के प्रति संवेदनशीलता को  मानकीकृत  करता है | यह उस समय की बात है जब फोटोग्राफी एक  रील के द्वारा की जाती थी  जिसे तकनीकी शब्दों में फिल्म भी कहा जाता है |

 उस समय में इसे फिल्म स्पीड कहा जाता था|   फिल्म की संवेदनशीलता को मानकीकृतकरना  बेहद आवश्यक था |   इसके जरिए  आप एक जैसे ISO  की फिल्म को किसी भी कैमरा में उपयोग कर सकते थे | 

 पहले के समय में विभिन्न विभिन्न  फिल्म स्पीड की  फिल्म आया करती थी लेकिन आज के डिजिटल समय में सभी की सभी फिल्म स्कोर एक स्टैंडर्ड ISO   का रूप देकर सेंसर में डिजिटलाइज कर दिया गया है|


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 जिसे आप कैमरा के जरिए कंट्रोल कर सकते हैं |  जैसे कि मैंने  लिखा  की ISO  फिल्म कि यह सेंसर की संवेदनशीलता को कहा जाता है आप जितना ISO  नंबर को बढ़ाएंगे  उतना ही कैमरा सेंसर लाइट के प्रति संवेदनशील होता जाएगा |

पहले के समय में मान लीजिए आप ISO 100   फिल्म का इस्तेमाल अपने कैमरा मे कर रहे हैं और आपको आवश्यकता है ज्यादा ISO   वाले फिल्म की उस समय आपको  पूरा रोल खत्म करने का इंतजार करना पड़ता था |

 लेकिन आज के समय में यह बहुत आसान है आप अपने कैमरे के बटन मात्र से ही इसका नंबर बढ़ा कम कर सकते हैं|

ISO  कहां इस्तेमाल होता है |

ISO का सही सवाल समझाने के लिए आपको एक उदाहरण देता हूं |

 मान लीजिए कि आप स्ट्रीट लैंप के नीचे किसी बच्चे का फोटोग्राफ खींच रहे हैं आपने अपना अपर्चर वैल्यू कम किया हुआ है और आपका शटर स्पीड भी इतना कम है जिससे की आपके कैमरा में मोशन बलर ना आए लेकिन आपकी इमेज अभी भी अछे से एक्सपोज्ड या ब्राइट नहीं है | इस स्थिति में आप ISO  को बढ़कर यानि कैमरा सेंसर की संवेदनशीलता को बढ़ाकर  एक अच्छी एक्सपोज्ड फोटो को  खींच सकते हैं |

ISO   सिर्फ   एक्स्पोज़र ही नहीं बदलता है|

 बल्कि ISO   को बढ़ाने से  आपकी फोटो के अंदर डिजिटल नॉइस  भी आ जाता है |  यह डिजिटल नॉइस  आपकी फोटो की क्वालिटी को गिरा देता है  फिर चाहे आपने कितनी अच्छी तस्वीर क्यों न खींची हो |

 हो सकता है कि आपके कैमरा की एलसीडी पर यह डिजिटल नॉइस ना दिखे लेकिन जब आप अपनी फोटो को प्रिंट करवा दोगे या फिर उसे कंप्यूटर स्क्रीन या बड़ी स्क्रीन पर देखोगे तो यह डिजिटल नॉइस आपको साफ-साफ दिखाई देगी |

 नीचे एक इमेज के जरिए मैं आपको दिखाना चाहता हूं कि डिजिटल  नाइस असल में दिखती कैसी है 

Digital noise comparison
Digital noise comparison

नीचे दी गई इमेज में ISO स्केल है जो की सभी कैमरा में एक जैसा ही होता है |

ISO Scale
ISO Scale

कम ISO जैसे की 50 पर सेंसर लाइट  के प्रति  कम संवेदनशील होगा और ज्यादा इसे  जैसे कि 6400 पर  सेंसर लाइट के प्रति ज्यादा संवेदनशील  होगा |

ISO को कैसे चुने |

अपने कैमरा में P  मोड को चुने इस मोड में आप केवल ISO  को ही चेंज कर पाएंगे |

बाकि दो सेटिंग्स अपर्चर और शटर स्पीड कैमरा खुद तय करलेगा |  इस मोड को प्रोग्राम मोड  भी कहा जाता है|

आप लोगों के लिए एक होमवर्क |

 अपने कैमरा में P  मोड का चयन करें | ISO  को 100 पर रखे  और  दिन के समय बाहर जाकर एक गिलास की तस्वीर खींचे |

 अब धीरे-धीरे ISO   का नंबर बढ़ाएं  जब तक कि आपके कैमरा में  आखिरी ISO  नंबर न आजाए एक एक करके तस्वीर लेते रहे |

 अब गिलास को अंदर लेकर आए  और अंदर भी  एकदम पहले के जैसे  फोटो खींचे  लेकिन इस बार शुरुआत  सबसे ज्यादा ISO   से करें |

 दोनों स्थिति में  आपके हिसाब से  जो एकदम सही एक्सपोज्स इमेज है उसे मेरे साथ शेयर करें |  आप यह फेसबुक ग्रुप Photography for Beginners पर शेयर कर सकते है |

अपने इस होमवर्क से क्या सीखा मुझे जरूर बताएं |  और यदि आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा तो इसे शेयर करना ना भूले |

 धन्यवाद |

Also Learn :-

Camera on a tripod clicking sunset
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Shutter Speed किसे कहते हैं कैमरे का Shutter कैसे काम करता है

Shutter Speed किसे कहते हैं | कैमरे का शटर कैसे काम करता है

Shutter Speed भी Aperture ISO के साथ साथ मिलकर किसी इमेज का एक्सपोज़र तय  करती है |

शटर स्पीड ही तय करती है कि आप की फोटो कितनी ज्यादा चमकदार होगी या ब्राइट होगी |

यदि आप अपर्चर  सीखना चाहते हैं तो यहां क्लिक कीजिए |

अपर्चर की  तरह ही मैं इस आर्टिकल को आसान भाषा में आप लोगों को समझाने की कोशिश करूंगा |


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1. कैमरा शटर क्या होता है |

 शटर स्पीड को जान लेने से पहले हमें यह जानना जरूरी है कि कैमरा शटर किसे  कहा जाता है

दरअसल कैमरा सेंसर के आगे का एक पर्दा होता है जब भी हम शटर बटन को दबाते हैं तो वह पर्दा कुछ समय के लिए ऊपर उठ जाता है जिसके कारण लेंस के द्वारा अंदर आई हुई लाइट को कैमरा सेंसर से टकराने का मौका मिल जाता है जिस वजह से हमें एक अच्छी ब्राइट इमेज मिलती है | जब सेंसर भरपूर तरीके से लाइट को इकट्ठा कर लेता है तो शटर खुदखुद नीचे आ जाता है ताकि और ज्यादा लाइट  अंदर ना आ सके |

शटर बटन को शटर बटन इसलिए कहा जाता है | क्योंकि ये शटर को ऊपर निचे होने में सहयता करता हैफोटो खींचते समय जो आपकी कैमरा में एक आवाज आती है दरअसल वह शटर का  ही आवाज  होता है|

2. शटर स्पीड क्या है |

 आप लोगों को शटर के बारे में तो अच्छे से समझ आ गई हो गई अब देखते हैं कि शटर स्पीड किसे कहते हैं | शटर  कितने टाइम तक ऊपर रहेगा इसका कंट्रोल फोटोग्राफर के पास में होता है |

 या यूं कहें कि शटर कितने समय तक लाइट को कैमरा सेंसर तक आने देगा यह फोटोग्राफर तय  करता है और इस टाइम को शटर स्पीड कहा जाता है|

 जब आप एक लंबे समय के शटर स्पीड यूज करते हैं तो आप इमेज सेंटर को काफी ज्यादा टाइम तक लाइट के सामने रखते हैं जिसके कारण आपकी जो इमेज है काफी ज्यादा ब्राइट आती है |

 और जब आप शटल को काफी कम समय के लिए खुला रखते हैं तो लाइक काफी कम समय के लिए इमेज सेंसर तक जाती है जिसके कारण आपकी  इमेज  डार्क |

  शटर स्पीड सिर्फ इमेज की ब्राइटनेस एकदम इसके लिए ही  इस्तेमाल नहीं होती |

ज्यादा समय तक शटर को खुला रखने से आपका सब्जेक्ट धुंदला भी हो सकता है कुछ कुछ जगह पर आप इसे इस्तेमाल कर सकते है अपनी कला को दिखने क लिए :-

तेज शटर स्पीड में आप सब्जेक्ट को जमा सकते है फोटो क अंदर जैसा की निचे दिए गए कुछ उधाहरणो में दिखाया गया है की किस प्रकार से तेज या धीरे शटर स्पीड आपके सब्जेक्ट पर प्रभाव डालते है |

3. शटर स्पीड को कैसे नापते है |

जब शटर स्पीड सेकंड से कम होती है  तब शटर स्पीड को दूसरे का अंश  या फ्रेक्शन ऑफ सेकंड  से नापा जाता है |

 उदाहरण के तौर पर 1 / 4  का मतलब है सेकंड का एक चौथाई हिस्साऔर 1 / 250   का मतलब है सेकंड का ढाई सौवा  हिस्सा

 ज्यादातर कैमरा 1 /4000 ऑफ सेकंड  और कुछ कुछ कैमरा 1 /8000   ऑफ सेकंड तक शटर स्पीड को नाप सकते हैं |

 वहीं दूसरी तरफ सबसे लंबी शटर स्पीड 30  सेकंड की है |

 अगर आप चाहें तो इस से भी लंबी शटर स्पीड  का इस्तेमाल कर सकते हैं|  इस से भी लंबी shutter speed का इस्तेमाल करने के लिए आपको एक्सटर्नल Remote Trigger की आवश्यकता होगी जो कि अप नीचे दिए गए लिंक पर जाकर खरीद सकते हैं |

यहाँ से खरीदे रिमोट ट्रिगर |

नीचे दी गई इमेज से आपको शटर स्पीड के बारे में सही जानकारी मिल जाएगी |

Shutter Speed Table
Shutter Speed Table

कोई भी शटर स्पीड जो की 1 /100 से ज्यादा हो उसे फ़ास्ट  शटर स्पीड कहा जाता है |

किसी भी चलते हुए सब्जेक्ट को अगर हम उसी क स्थान पर जमाना चाहते है फोटो के अंदर उस समय हम फ़ास्ट शटर स्पीड का इस्तेमाल करेंगेजैसा की आपको बताया की शटर स्पीड जितना काम होगा उतना समय तक शटर खुला रहेगा और उतने समय तक लाइट सेंसर तक जाएगी तो यदि आप बेहद तेज रौशनी में फोटो खींच रहे है तो आप फ़ास्ट शटर स्पीड का इस्तेमाल कर सकते हैं | इससे आपके फोटो में मोशन बलर भी नहीं आएगा |

मोशन ब्लर सब्जेक्ट की गति के कारन वह धुंधला पैन है जो हम शटर स्पीड स्लो  रखने के कारण  तस्वीर में कैद करते  है |

वही स्लो शटर स्पीड 1 /100   से नीचे  किसी भी शटर स्पीड को स्लो शटर स्पीड कहते है | यह शटर स्पीड रात के समय में फोटोग्राफी करने में बहुत सहायक है|   या फिर आप जानबूझकर अपने सब्जेक्ट को मोशन ब्लर करना चाहते हैं  तब भी आप स्लो शटर स्पीड का इस्तेमाल कर सकते है |

स्लो शटर स्पीड एस्ट्रोफोटोग्राफी में बहुत सहायक है|   स्लो सेटिंग स्पीड की वजह से आप सौरमंडल की काफी सारी गतिविधियां अपने कैमरा में   कैद कर सकते हैं
जैसे कि मिल्की वे  सप्त ऋषि मंडल इत्यादि |

 शटर  स्पीड को ठीक से समझने के लिए आपको अपने कैमरे में इसका इस्तेमाल करना होगा इस्तेमाल करने के लिए अपनी कैमरा के ऊपर डायल को T या tv मोड में लेकर जाए

tv mode in camera
tv mode in camera

इस मोड में आप केवल शटर स्पीड डीसाइड करेंगे और बाकि सभी एक्सपोज़र सेटिंग्स कैमरा खुद बखुद देखलेगा | अब अलग अलग शटर स्पीड पर एक ही  तरह की तस्वीर खींचे अछि या बुरी की चिंता न करे आप सिर्फ सीखे की क्या होता है जब आप अलग अलग शटर स्पीड पर एक ही जैसी  तस्वीर खींचते है |

कुछ इस तरह से दिखती है शटर स्पीड आपके कैमरा में

Shutter Speed in Camera
Shutter Speed in Camera

आप लोगो के लिए एक होमवर्क है :-

 अपने कैमरे को टीवी टीवी मोड या टी मोड पर डाले और शटर स्पीड को ३० पर सेट करे और अपने घर के पंखे को सबसे तेज स्पीड पर चला कर उसकी तस्वीर खींचे |

अब धीरे धीरे शटर स्पीड को बढ़ाये और फिरसे तस्वीर खींचे | मुझे Photobasics  पर मेल करे वह तस्वीर जिसमे आपका पंखा रुका हुआ दिखाई देरहा है और साथ ही एक तस्वीर वह जिसमे पंखे में मोशन बलर दिखाई दे रहा है | दोनों तस्वीरो के साथ उसकी शटर स्पीड आवश्य लिखे | 

आप तस्वीर को Photobasics के ग्रुप में शेयर कर सकते है |

यदि  आप अभी तक फोटो बेसिक्स के फेसबुक पेज से या ग्रुप से नहीं जुड़े हैं तो अभी जुड़े वहां  बहुत सारी है  फोटोग्राफी से संबंधित जानकारी आप हिंदी में हासिल कर पाएंगे |

 इस आर्टिकल में शटर स्पीड को मैंने अच्छे से समझाने की कोशिश की है यदि आपको किसी प्रकार का कोई पसंद है तो आप सवाल जवाब वाले पेज पर जाकर पूछ सकते हैं|

 इस आर्टिकल को शेयर करना ना भूलेधन्यवाद |

Aperture blade from pixabay
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Aperture Meaning in hindi Understanding Aperture – Photo Basics

अपर्चर क्या होता है?  और डिजिटल फोटोग्राफी में इसका क्या महत्व है ?

Aperture Meaning in hindi

अपर्चर उन तीन  फैक्टर्स में से हैं  जिनके कारण एक्स्पोज़र बनता है |  बाकी के दो हैं  शटर स्पीड एंड आईएसओं | सिर्फ अपर्चर समझ जाने से आप काफी हद तक एक अच्छी  एक्सपोसेड इमेज खींचने के काबिल होंगे ||

इस पोस्ट
में मैं आपको सिखाऊंगा की अपर्चर  किसे कहते
हैं|और डिजिटल
फोटोग्राफी में इसका क्या महत्व है |

डिजिटल फोटोग्राफी  और उसके
इतिहास पर एक आर्टिकल पहले से ही फोटो बेसिक्स की वेबसाइट पर है|

यदि आप जानना चाहते हैं की डिजिटल फोटोग्राफी क्या होता है तो यहां क्लिक कीजिए |

इस आर्टिकल
को आसान बनाने के लिए  मैंने इसे पांच भागों में बांट दिया है |

जिसकी हेडिंग
पढ़कर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वह भाग किस चीज से संबंधित है |

1.अपर्चर  क्या है| Aperture Meaning in hindi ?

अपर्चर  दरअसल कैमरे
का नहीं बल्कि लेंस का भाग है जो कि कैमरे की सहायता से कंट्रोल किया जाता है |  अपर्चर लेंस के अंदर का छेद होता है जिसकी सहायता से लाइट इमेज सेंसर या फिल्म तक पहुंचती है जिसके परिणाम स्वरूप हमें फोटोग्राफ मिलती है |

उदाहरण के
तौर पर इंसानी आप को देखिए इंसानी आंख की पुतली कितनी चौड़ी होगी उतना ही उसके अंदर लाइट जाएगी

और जितनी
संकरी होगी उतनी ही कम लाइट उसके अंदर जाएगी|

ठीक उसी
तरह से अपाचे का भी डायमीटर बड़ा या छोटा होता है जिसके कारण कम या ज्यादा लाइट इमेज सेंसर तक पहुंच सकती है |

अपर्चर का
साइज फोटो खींचे जाने के हालातों पर निर्भर रहता है

यदि आप
कम लाइट के अंदर फोटो खींचना चाहते हैं तो आपको अपर्चर का साइज ज्यादा रखना होगा जिसके कारण ज्यादा से ज्यादा लाइट इमेज सेंसर तक पहुंचे और आपको एक अच्छी  एक्सपोज्ड इमेज
मिले |

2.अपर्चर को कैसे नापते हैं ं?

अपर्चर  सईज़  को नापने
के लिए f-stop scale.  स्टॉप का
इस्तेमाल होता है |

आपको अपने डिजिटल कैमरा पर कुछ इस प्रकार का निशान दिखेगा ‘f/’ |

यह f  नंबर   तय  करता है की अपर्चर का साइज कितना चौड़ा  हैं |

इसमें एक चौंका देने वाली बात यह है की जितना f  स्टॉप छोटा होगा उतना ही ज्यादा साइज अपर्चर का  ज्यादा होगा |   यानि की यु कहे की जितना f नंबर काम उतनी ज्यादा लाइट एंटर करेगी कैमरा के अंदर |

कुछ इस तरह का दिखता है स्केल  f/1.4, f/2, f/2.8,
f/4, f/5.6, f/8, f/11, f/16, f/22.

इन नंबरों के बारे में जानने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है संख्या बढ़ने के साथ अपर्चर  सेटिंग्स में घटकर इसके आधार आकर तक पहुंच जाती है|    जिसका मतलब है कि लेंस में 50% कम रोशनी जाएगी जैसे जैसे इसका नंबर बढ़ता जाएगा |

aperture value and its size relativity
aperture value and its size relativity

3.अपर्चर  एक्सपोज़र को कैसे बदलता हैं ?

जैसा कि मैंने पहले लिखा कि जितना ज्यादा अपर्चर नंबर होगा  उतना ही कम लाइट एंटर करेगी  इसी बात को और अच्छे से समझाने के लिए  नीचे कुछ इमेजेस है जिन्हें अलग अलग अपर्चर  सेटिंग्स पर क्लिक किया गया है इसकी सहायता से आपको और भी अच्छे से अपर्चर  के बारे में ज्ञान मिलेगा|

Different aperture same shutter speed photos
Different aperture same shutter speed photos

आप देख सकते है की इस इमेज में जैसे ही अपर्चर नंबर ज्यादा होता है  वैसे वैसे फोटोग्राफ डार्क होती जाती है|   इससे हमें यह स्पष्ट होता है  की अपर्चर  नंबर ज्यादा होने से अपर्चर का साइज काम होता है जिससे कम लाइट कैमरा क सेंसर में एंटर करती है |

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4.अपर्चर  इमेज  धुंदली करने में  कैसे  सहायता करता है |

इसे हम डेप्थ ऑफ फील्ड भी कहते हैं  | डेप्थ ऑफ़ फील्ड फोटोग्रोगर से सब्जेक्ट और सब्जेक्ट से बैकग्राउंड के  बीच के फोकसड  एरिया  को बोलते है |

जितना छोटा f  नंबर होगा  उतना ही ज्यादा बैकग्राउंड  ब्लर होगा   यानी कि धुंधला होगा |  डेप्थ ऑफ फील्ड  का इस्तेमाल  हम सिर्फ सब्जेक्ट पर फोकस करने के लिए भी कर सकते हैं|

मान लीजिए कि आप का बैकग्राउंड बहुत ही ज्यादा खराब दिखता है या उसमें ऐसी चीज है जिसे आप फोटोग्राफ में नहीं दिखाना चाहते तो उस स्थिति में आप शालू डफील्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं जो कि आप को कम f   नंबर पर मिलेगी जैसे कि

f/2, f/2.8. अगर डेप्थ ऑफ फील्ड का इस्तेमाल ठीक से किया जाए तो यह एक इमेज को बेहद खूबसूरत बना सकता है |

नीचे दी गई इमेज आपको अच्छे तरीके से समझा देगी की द फील्ड असल में क्या चीज है |

Depth of field explaination
Depth of field explaination

तो हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं की अपर्चर  फोटोग्राफी का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है |   जिसे समझ कर आप अपनी फोटोग्राफी में बहुत अच्छे से सुधार कर सकते हैं |

Different depth of field at different aperture value
Different depth of field at different aperture value

Showing effect of depth of field on aperture Depth of field on Different f Numbers (Vector from :- Flaticon)\

How To Practise Aperture?

अगर आप Aperture को ठीक से समझना चाहते हैं तो अपने कैमरा डायल के ऊपर AV या A मोड डायल करें इससे आप केवल अपर्चर वैल्यू   ही चेंज कर पाएंगे  बाकी सारी एक्स्पोज़र सेटिंगस  कैमरा खुद-ब-खुद   जान जाएगा |

अब बस आपको यह जानना जरूरी है कि आप किस प्रकार की  फोटो खींचना चाहते हैं|  यदि आप बहुत ही कम लाइट के अंदर है तो आपको अपर्चर वैल्यू कम करना  पड़ेगा   | इससे आपका सब्जेक्ट फोकस्ड रहेगा और इमेज भी अछे से एक्सपोज्ड आएगी |

आशा करता हु की आप अपर्चर को समझ चुके है | यदि आपके कोई सवाल है अपर्चर को लेकर तो वो आप क्वेश्चन एंड आंसर वाले पेज पर पूछ सकते है जिसका जवाब मई अवश्य दूंगा.

इस आर्टिकल को आगे शेयर करे जिससे और भी लोग हिंदी में फोटोग्राफी सिख सके |

आर्टिकल पड़ने के  लिए धन्यवाद |

आगे पढ़िए |

 

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Learn Photography

Basics of Photography क्या है | और यह कितने प्रकार की होती है |

Photo by Nick Demou from Pexels

फोटोग्राफी आज के समय में बहुत ही पसंदीदा टॉपिक है खास करके नई जनरेशन के बीच|बहुत से लोग फोटोग्राफी करना तो चाहते हैं ,  लेकिन असल में वह फोटोग्राफी का सही मतलब नहीं जानते हैं |

 इस आर्टिकल में मैं आपको फोटोग्राफी का इंट्रोडक्शन दूंगा और बताऊंगा Basics of Photography क्या है | और यह कितने प्रकार की होती है | |  इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप फोटोग्राफी से संबंधित सारी जानकारी हासिल कर पाएंगे |

 आप लोगों के लिए इस आर्टिकल को आसान बनाने के लिए इस आर्टिकल को 3 भागों में बांट दिया है |

 जिसमें कि पहला भाग है |

  फोटोग्राफी क्या है ? (Basics of Photography)

फोटोग्राफी असल में कैमरा के माध्यम से लाइट को कैप्चर करने की एक कला है  जोकि डिजिटल सेंसर या फिल्म के माध्यम से एक इमेज बनाने में आपकी सहायता करती है | आज के समय में आप काफी अदृश्य लाइट को भी कैप्चर कर सकते हो जो कि इंसानी आंखें नहीं देख पाती अगर आपके पास सही तरीके का इक्विपमेंट हो तो |

फोटो बेसिक्स के आने वाले आर्टिकल्स में मैं आपको उन सभी  इक्विपमेंट के बारे में बताऊंगा जिनकी मदद से आप यूवी रेज,  इंफ्रारेड एंड रेडियो लाइट जैसी लाइट भी कैप्चर कर पाएंगे |

 फोटोग्राफी की परिभाषा बस इतनी ही थी अब दूसरे भाग में हम जानते हैं फोटोग्राफी  के इतिहास के बारे में |

फोटोग्राफी का इतिहास

दुनिया की पहली फोटोग्राफ 1826 में यह कुछ लोगों का मानना है कि 1827 में फ्रांस में खींची गई थी | और इसे खींचने वाले साइंटिस्ट का नाम था  जोसेफ निकेफोर नीपसे |  यह फोटोग्राफ एक बिल्डिंग की छत की थी जो कि सूरज की रोशनी द्वारा प्रकाशित थी |

 नीचे दी गई इमेज को  डिजिटल बनाया गया है |

 कुछ इस तरह से दिखती थी दुनिया की पहली रिकॉर्डेड तस्वीर |

Joseph Nicéphore Niépce’s “View from the Window at Le Gras.” 1826 or 1827. Gernsheim Collection, Harry Ransom Center / The University of Texas at Austin.

कलर फोटोग्राफी पॉपुलर हुई कोडाक्रोम की रिलीज के साथ जिसे 1930 में ईस्टमैन कोडक ने रिलीज किया था |

 इससे पहले सभी की सभी फोटोस ब्लैक एंड व्हाइट थी या मोनोक्रोमेटिक थी ( मोनोक्रोमेटिक का अर्थ है जिसमें केवल एक प्रकार के रंग  हो)

अगर आप उस समय की कुछ बेहतरीन फोटोग्राफ्स देखना चाहते हैं तो इस लिंक पर क्लिक कीजिए |

https://timeline.com/photos-earliest-color-images-f48ea4ae8e9f

 इस आर्टिकल में हमने कुछ नाम भी शॉर्टलिस्ट किए हैं जिनकी डिस्कवरी उनके क्रिएटिव आइडियाज और उनकी फोटोग्राफ्स ने आज के टाइम की फोटोग्राफी को इतना बेहतरीन बनाने में योगदान दिया है |   तो अगर आप भी फोटोग्राफी की  तकनीकों को सीखना चाहते हैं उससे पहले आपका इन नामों से परिचित होना बेहद आवश्यक है |

जोसेफ निकेफोर नीपसे

अविष्कार :-  दुनिया की पहली परमानेंट फोटोग्राफ ( जो की खिड़की के अंदर से एक बेहतरीन दृश्य था ले ग्रास का)

 कहां और कब :-  फ्रांस 1826 में

 Photography की दुनिया में असर :- 

1826 से कई सदियों पहले कैमरे का आविष्कार हो गया था लेकिन उनमें एक बहुत बड़ी तकनीकी खराबी थी जिसके कारण आप फोटोग्राफ को रिकॉर्ड नहीं कर सकते थे वह सिर्फ एक रोशनी को दूसरी सतह पर दिखाती थी,  जिसकी सहायता से आर्टिस्ट रियलिस्टिक पेंटिंग्स बनाते थे जो की एक्चुअल फोटोग्राफ्स नहीं होती थी |  लेकिन जोसेफ ने यह प्रॉब्लम  सॉल्व कर दी थी उन्होंने  पारितोषिक प्लेट को डामर के साथ कोट कर दिया था जो कि   रोशनी के संपर्क में आने से और   ठोस बन जाता है | प्लेट को लैवेंडर के तेल के साथ धोने से वह  ठोस पदार्थ को हमेशा के लिए प्लेट पर चिपका देता है |  जो कि बाद में एक तस्वीर का रूप ले लेता है |

एंसेल ऐडम्स

शैली :-  लैंडस्केप फ़ोटोग्राफ़ी

कहां और कब:-  सन 1920 से 1960 तक यूनाइटेड स्टेट्स में |

प्रभाव :-   एंसेल ऐडम्स  इतिहास के बहुत ही मशहूर फोटोग्राफर थे जो की प्रकृति की फ़ोटोग्राफ़ी किया करते थे और अपनी लैंडस्केप फोटोग्राफी के लिए बहुत ही  सराहनीय थे |  अपनी फोटोग्राफी के जरिए उन्होंने शुरुआती तौर पर होने वाली काफी सारी है पर्यावरण संरक्षण आंदोलनों में हिस्सा लिया |  उनका कहना था की “एक धुंधले विचारधारा या आईडिया की शार्प इमेज से बुरा कुछ भी नहीं हो सकता”|

 फोटोग्राफी कितने प्रकार की होती है जानने के लिए तीन नंबर दबाएं

फोटोग्राफी के प्रकार जानिए फोटोग्राफी कितने प्रकार की होती है

 आज के नए जमाने में Photography के कई सारे प्रकार है लेकिन इन सब का Basics देखा जाए तो फोटोग्राफी को केवल तीन भागों में ही बांटा जा सकता है |

1.आर्ट फोटोग्राफी

2. डॉक्यूमेंट्री फोटोग्राफी

3. कमर्शियल फोटोग्राफी

आर्ट फोटोग्राफी

आर्ट फोटोग्राफी उसे कहा जाता है जिसके अंदर आप अपने खुद   के फोटोग्राफी स्टाइल का अविष्कार करते हैं |

इसमें कई प्रकार की फोटोग्राफी शामिल हो सकती है |

 जैसे कि   वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी,  लैंडस्केप फोटोग्राफी,  पोट्रेट फोटोग्राफी,  नेचर फोटोग्राफी ,  एस्ट्रोफोटोग्राफी , फाइन आर्ट फोटोग्राफी, एरियल फोटोग्राफी ,  अंडर वाटर फोटोग्राफी,  और इसी तरह की बहुत सारी फोटोग्राफी ,आर्ट फोटोग्राफी के अंदर शामिल है |  आर्ट फोटोग्राफी के अंदर फोटोग्राफर अपनी फोटोग्राफ्स को आर्ट गैलरी में या फिर इंटरनेट पर तस्वीरें  बेचकर पैसे कमा सकता है |  आर्ट फोटोग्राफी में पैसा कमाना मुश्किल हो जाता है क्योंकि इसमें आपको अपनी काबिलियत पर पूरा भरोसा होना चाहिए तभी आप पैसा कमा पाएंगे |

 आने वाले आर्टिकल्स में मैं आपको जानकारी दूंगा कि आप किस प्रकार से आर्ट फोटोग्राफी के जरिए भी पैसा कमा सकते हैं |

डॉक्यूमेंट्री फोटोग्राफी

  इस कैटेगरी के अंदर केवल उसी प्रकार की फोटोग्राफी शामिल है जिसमें किसी प्रकार का सामाजिक मुद्दा जुड़ा हो या फिर जिन फोटोग्राफ्स के साथ रोजमर्रा की जिंदगी के संघर्ष उतार-चढ़ाव आदि जुड़े हो |

Documentary Photo from Pexels

 इस तरह की फोटोग्राफी में फोटोग्राफर एक व्यक्ति विशेष या किसी लैंडस्केप के बारे में फोटोग्राफ्स के जरिए विस्तार से बता सकता है |  डॉक्यूमेंट फोटोग्राफी में पैसा न्यूज़ पब्लिशर के तरफ से या मैगजीन पब्लिशर की तरफ से आ सकता है आप अपनी डॉक्यूमेंट की गई फोटोग्राफ को न्यूज़ पब्लिशर या मैगजीन पब्लिशर को भेजते हैं और यदि उन्हें वह टॉपिक जरूरी लगता है या आपका काम बेहद ही अच्छा है तो वह उसे अपने न्यूज़ कोल्लम या मैगजीन के अंदर जगह दे सकते हैं जिसकी वजह से आप फोटोग्राफी में कमा सकते हैं |  आर्ट फोटोग्राफी के साथ-साथ डॉक्यूमेंट्री फोटोग्राफी मैं भी आप इंटरनेट पर इमेजेस  बेचकर पैसा कमा सकते हैं | डॉक्यूमेंट्री फोटोग्राफी में पोट्रेट फोटोग्राफी, लैंडस्केप फोटोग्राफी ,आंदोलनकारियों की तस्वीरें,  वार फोटोग्राफी  इत्यादि कैप्चर करते हैं |

कमर्शियल फोटोग्राफी

 कमर्शियल Photography में आप सबसे ज्यादा पैसा  वेडिंग फोटोग्राफी के जरिए कमा सकते हैं |  आने वाले समय में मैं आपको वेडिंग फोटोग्राफी के बारे में भी जानकारी दूंगा |  और इसी के साथ साथ उन सभी प्रकार की फोटोग्राफी की जानकारी दूंगा जिसमें आप अपना करियर बना सकते हैं |

 तो यह तो Basics of Photography क्या है | और यह कितने प्रकार की होती है | |  अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया और आप को लगा कि आपको इससे काफी ज्ञान मिला है तो इसे शेयर करें फेसबुक पर अपने उन दोस्तों के साथ जो कि आप ही की तरह फोटोग्राफी सीखना चाहते हैं |

यदि इसके इलावा भी आपका कोई सवाल है जो आप मुझसे पूछना चाहते हैं तो  क्वेश्चन एंड आंसर वाले पेज में जाकर आप अपना सवाल पूछ सकते हैं | 

 आर्टिकल पढ़ने के लिए धन्यवाद |

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