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Dslr Photography Basics in Hindi

फोटोग्राफी अपने आप में इतना बड़ा टॉपिक है की इसे अगर सिखने बैठे तो साल भर तक लगजाएगा | लेकिन अगर कुछ basics पता हो तो फोटोग्राफी सीखना आपके लिए ज्यादा मुश्किल नहीं है | इस आर्टिकल में मैं आपके लिए ऐसे ही कुछ Photography Basics लेकर आया हु जो फोटोग्राफी सिखने वाले के लिए जरुरी बनजाते है | फिर चाहे आप फोटोग्राफी को रुचि की तरह सिखरहे हो या फिर प्रोफेशनल की तरह ये basics आपकी हमेशा मदद करेंगे |

Photography Basics में पहले नंबर पर है | 

Exposure Triangle 

एक्सपोज़र ट्रायंगल तीन चीजों से मिलकर बनता है | ऐसा मान लीजिये की एक टेबल के तीन पैर हो यदि एक भी टूट जाए तो टेबल गिर जाएगा | ये तीन चीजों से आपकी फोटो बनती और बिगड़ती है अगर अपने इन तीन चीजों पर महारथ हासिल कर ली तो बाकी की चीजे आसानी से समझ में आती रहेगी | 

Teaching how to use manual mode
Exposure Triangle Cheat Sheet

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सबसे पहले इन तीन चीजों में आता है | 

Aperture 

teaching aperture and its different f number
DOF on different F number

अपर्चर लेंस की ओपनिंग को कहा जाता है और इसका काम होता है कैमरा सेंसर तक आने वाली लाइट को कण्ट्रोल में करना | इसको f नंबर से नापते है और अपर्चर हमेशा लेंस में होता है | एक सिंपल सी बात यह जानने वाली है की | अपर्चर नंबर जितना ज्यादा होगा लाइट उतनी कम आएगी लेंस में और इसका विपरीत अपर्चर नंबर जितना कम होगा लाइट उतनी ज्यादा आएगी लेंस में | ऐस क्यों होता है जानने के लिए यहाँ पड़े अपर्चर को और भी ज्यादा डिटेल में | 


एक्सपोज़र ट्रायंगल में दूसरी सबसे जरुरी चीज है 

शटर स्पीड 

Teaching Shutter speed
Different Shutter Speeds

इसको शटर टाइम के नाम से भी जाना जाता है | शटर स्पीड तय करता है की लाइट कितनी देर तक कैमरा सेंसर के अंदर जाएगी | अगर शटर का नंबर ज्यादा रखोगे तो आप पाओगे की लाइट ज्यादा देर तक अंदर आयी शटर स्पीड सेकण्ड्स एंड फ्रैक्शन ऑफ़ सेकण्ड्स में कैलकुलेट की जाती है | 

कैमरा शटर के बारे में जानकारी यहाँ से ले | 


एक्सपोज़र ट्रायंगल का तीसरा हिस्सा है | 

ISO 

ISO लाइट की सेंसिटिविटी को कहा जाता है | ISO तय करता है की आपके सेंसर को लाइट के प्रति कीतना सक्रिय होना है | या यूँ कहिये की सेंसर की स्पीड कितनी होने वाली है | यदि अपने रील वाले कैमरा देखे है तो उसमे जो रील डलती थी उसपर एक नंबर लिखा रहता था जो उसकी स्पीड बताता था लाइट के प्रति | यदि आपको लौ लाइट में शूटिंग करनी है तो आपके लिए 800 ,1600 ,
3200 जैसी रील होती थी और सूरज की रौशनी के लिए 100 , 200 जैसी ये सब के सब स्पीड्स अब कैमरा मैन्युफैक्चरर Digitaly सॉफ्टवेयर के मदद से आपको एक ही कैमरा में देने में सक्षम है | ISO को विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ पढ़े | 

एक्सपोज़र ट्राइंगल  की सही मिश्रण आपकी फोटो को एकदम सही एक्सपोज़र देता है | एक्सपोज़र ट्रायंगल के मदद से आप कैसे बदल सकते है अपने फोटो का एक्सपोज़र जानने के लिए यहाँ पढ़िए | 

Personal Development Category (English)640x480

तो ये तो होगयी एक दम बेसिक्स की बाते | अब बाते करते है Photography Basics के बाकी के पहलुओं के बारे में | 

Photography Basics मे आगे मैं आपको समझाऊंगा कैमरा डायल के बारे में | 

कैमरा के अंदर आपका कैमरा डायल ही तय करता है की आप कैमरा को किस तरह से इस्तेमाल करने वाले है | हर कैमरा कंपनी अपने हिसाब से डायल को डिज़ाइन करती है किसी कंपनी के मॉडल में ज्यादा ओपशंस होते है तो किसी में कम | इस आर्टिकल में मैं आपको केवल वही चीजों के बारे में बताऊंगा जो आम तोर पर हर कैमरा डायल में उपलब्ध रहते है | 

सबसे पहले आपको कैमरा डायल का मतलब बताता हु | कैमरा डायल सबसे ऊपर होता है कैमरा के जिसमे कई सारे मोड होते है | जैसे की मैन्युअल , अपर्चर प्रायोरिटी , शटर वैल्यू , प्रोग्राम मोड इत्यादि अब ये मोड्स के कारन ही आप अपनी मन पसंद फोटोज को ले पाते है | अक्सर सलाह दी जाती है की हमें हमेशा मैन्युअल मोड का इस्तेमाल ही करना चाहिए लेकिन ऐसा जरुरी नहीं है | हाँ आप मैन्युअल मोड पर ज्यादा से ज्यादा कैमरा की चीजों को कण्ट्रोल कर सकते हो | 

जो बाद में आपके फोटो पर असर छोड़ेगी लेकिन जबतक आपकी फोटो सही आरही है सही से मेरा मतलब है अचे से एक्सपोज्ड इमेजे तो आप किसी भी मोड का इस्तेमाल कर सकते हो | 

आईये देखते है कोनसा मोड क्या काम करता है | 

कैमरा मोड्स को तीन हिस्सों में बांटता हु | 

Automatic 

सेमि-आटोमेटिक 

मैन्युअल 

आटोमेटिक :-

यह मोड आपके कैमरा में सबसे पहले दिया होता है और इसका सिंबल होता है A+ या A  जैसा की नाम से ही साफ़ है आटोमेटिक मोड में सारे कण्ट्रोल कैमरा के हाथ में होते है | आप जैसे ही लेंस करते है किसी सब्जेक्ट की तरफ कैमरा का स्मार्ट फीचर आपको एक रीडिंग देता है | जिसमे एक्सपोज़र ट्रायंगल के तीनो पहलु होते है | जब आप फोटो खींचते है तो आपको ये एकदम सही एक्सपोज्ड इमेज देता है | 

यह मोड ज्यादातर अछि फोटोज खींचता है लेकिन अगर आपको बेहतर बनना है तो आपको खुद लाइट कण्ट्रोल करना सीखना होगा | 

जबतक कैमरा आपके लिए करेगा तो वह अपने हिसाब से ही फोटो खीचेगा | लेकिन फोटोग्राफर आप है तो आपको तय करना होगा की क्या सेटिंग्स रहनी चाहिए कैमरा की | 

सेमि आटोमेटिक 

इस मोड में काफी मोड्स आते है जैसे की 

Aperture priority :- 

ये मोड कहता है की आप अपना मन पसंद अपर्चर नंबर रखो बाकी के सेटिंग्स कैमरा खुद ही तय करलेगा | ज्यादातर फटॉग्रफर इस मोड को पसंद करते है क्यूंकि ये नियर तो acurate इमेज देता है | इसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब आपका सब्जेक्ट स्थिर हो या ज्यादा हिलता डुलता न हो | यदि आपका सब्जेक्ट हिलता डुलता है तो आपके लिए बना है अगला मोड जो की है | 

Shutter Priority 

यह मोड आपको शटर स्पीड तय करने के लिए कहता है ओर बाकी की चीजे कैमरा खुद तय करता है एक सही इमेज देने के लिए मन लीजिये आपका सब्जेक्ट कोई तेज भागती गाडी है या कोई बच्चा है उस समय में आपको इस मोड का इस्तेमाल करना है | इसके बाद आता है 

प्रोग्राम Mode 

अगर आपको भी मेरी तरह स्ट्रीट फोटोग्राफी पसंद है तो प्रोग्राम मोड आपके लिए बना है | मैं हमेशा अपने कैमरा को प्रोग्राम मोड पर ही कैमरा बैग में डालता हु | दरसल ये मोड में कैमरा आपको कहता है की आप केवल सेंसर स्पीड यानी ISO को तय करोगे बाकी का सारा कैलकुलेशन कैमरा खुद कर लेता है | 

अब आप कहेंगे Auto में और इसमें फरक ही क्या हुआ | तो दोस्तों ऑटो मोड आपसे बिना पूछे ही फ़्लैश लाइट को चालू करदेगा और आपके लिए काफी अजीब होगा अगर आप स्ट्रीट में किसी का कैंडिड लेने वाले है तो | लेकिन प्रोग्राम मोड में ऐसा नहीं है | प्रोग्राम मोड आपको ISO को तय करने के साथ साथ पिक्चर स्टाइल जैसे और फ़्लैश जैसे बाकि चीजों को कण्ट्रोल करने का भी आजादी देता है | 

सिर्फ प्रोग्राम ही नहीं ऊपर बताये गए सभी सेमीऑटोमैटिक मोड ये आजादी आपको देते है | 

सेमि आटोमेटिक मोड में एक मोड होता है 

Creative Scenes 

इस मोड में बहुत से scene दिए होते है जैसे लैंडस्केप, पोर्ट्रेट , मैक्रो जैसे और भी कई सारे।  ये हर कैमरा मनुफकरेर अपने कैमरा के हिसाब से तय करता है की कोनसे scene में क्या सेटिंग्स रखनी है या कोन कोन सा ऑप्शन रखना है | आपके कैमरा में क्या मोड्स है ये आप अपने कैमरा मैन्युअल में जाकर देख सकते है  आपके लिए यह समझना जरुरी है की ये सब सेमीऑटोमैटिक मोड्स आपको अपने हिसाब से इमेज सेटिंग्स करके देते है

लेकिन आपको सबकुछ खुद से तय करना पड़े तो आप क्या करेंगे ?

इसिलए बना है मैन्युअल मोड 

Manual Mode :- मुझे ये समझ नहीं आता की लोग मैन्युअल मोड से इतना डरते क्यों है | इसके पीछे दो कारन है | 

पहला या बहुत से लोगो को Photography Basics के बारे में अच्छे से जानकारी नहीं होती | 

दूसरा जानकारी होने के बावजूद बहुत से लोग इसको इस्तेमाल करने से डरते है की उनकी इमेज खराब आएगी | 

क्यूंकि मैन्युअल मोड में सब कुछ आपको  ही तय करना होता है फिर चाहे वो एक्सपोज़र ट्रायंगल हो या पिक्चर स्टाइल | इस मोड के इस्तेमाल से ही आप अपनी फोटोग्राफी को एक अलग स्तर पर लेकर जा सकते है | अपने अंदर का टैलेंट आप इसी मोड से दिखा सकते है | 

निचे दी गयी फोटो आपको ठीक से समझा पाएगी कैमरा डायल के बारे में | 

Teaching about camera dial

अगर आप इस फोटो को अपनी वेबसाइट पर लगाना चाहते है तो इस कोड का इस्तेमाल करे | 

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Focusing Modes

इसके बाद आते है आपके कैमरा के Focusing Modes वसे तो हर ब्रांड आजकल फोकसिंग मोड्स को खुद के हिसाब से नाम दे रहा है मई आपको बेसिक तीन फोकसिंग मोड के बारे में बताऊंगा जो हर कैमरा में मिल जाएंगे हो सकता है उनका नाम कुछ और हो | 

ये तीन मोड्स है | 

One Shot AF (Canon )/ AF – S 

इसे One शॉट फोकसिंग मोड भी कहा जाता है और नाम से ही साफ़ है की यह एक सब्जेक्ट पे एक बार ही फोकस करता है | आप जब कैमरा शटर को हाफ प्रेस करते है तो ये सब्जेक्ट को फोकस करलेता है| और फिर यदि सब्जेक्ट हिलता है तो उसको फोकस करने के लिए आपको फिरसे बटन को हाफ प्रेस करना पड़ता है | 

इस मोड की खास बात यह है की इसमें बैटरी बहुत बचती है और काफी उपयोगी है बहुत सी सीटुएशन्स 

में | लेकिन अगर आपको किसी भागते हुए सब्जेक्ट को कैप्चर करना हो तो ?

उसके लिए है 

AI Servo AF (Canon) / AF-C (Nikon)

इसे continues focusing mode भी कहा जाता है |  जैसा की नाम से ही साफ़ है ये मोड में आप किसी सब्जेक्ट पर कंटिन्यू फोकस कर सकते हो या उसे ट्रैक कर सकते हो | ये उन सब्जेक्ट पर इस्तेमाल होता है जो मोशन में हो | जैसे की कोई खिलाडी , कोई कार , कोई बच्चा या कोई पक्षी | इस मोड में जब आप शटर बटन को हाफ प्रेस करके रखते है कैमरा सब्जेक्ट को फोकस में कर लेता है और उसकी मूवमेंट को ट्रैक करके उसके साथ साथ फोकस करता है | जिससे आपका सब्जेक्ट View finder में एक दम शार्प दीखता है | 

ये मोड में बहुत बैटरी खर्च होती है क्यूंकि इसमें कैमरा को बार बार फोकस करना पड़ता है | 

दूसरा यह की ये सब्जेक्ट की मूवमेंट को नहीं जनता की किस डायरेक्शन में जाएगा इसलिए कभी कभी आपको बलर इमेज मिलने के ज्यादा चांस रहते है | 

AI Focus AF (Canon ) / AF-A (Nikon)

इसका मतलब है आटोमेटिक ऑटोफोकस | ये एक स्मार्ट फीचर है जिसमे आपका कैमरा बार बार फोकसिंग मोड चेंज करता रहता है One Shot AF और AI Servo के बीच में सिचुएशन के हिसाब से | ज्यादातर कैमरा में यह default ऑप्शन रहता है | आपका सब्जेक्ट स्थिर है या हिल रहा है इस मोड में अपने आप पता लगजाता है और आपको बेस्ट रिजल्ट देता है | 

मान लीजिये आप किसी वेडिंग में फोटोज खींच रहे है | मान लेते है की आप पोर्ट्रेट खींच रहे है और अचानक से आपको एक बच्चा दीखता है भागता हुआ जिसका कैंडिड मोमेंट अच्छा बन सकता है उस सिचुएशन में बिना फोकसिंग मोड चेंज किये आप जल्दी से उस बच्चे को फोकस करके भी फोटो खींच सकते है | 

आपको नहीं पता की आगे क्या होने वाला है तो इसलिए पहले से ही त्यार रहना बेहतर है |


Conclusion 

 इस आर्टिकल में मने बताया फोटोग्राफी बेसिक्स के बारे में कैमरा सेटिंग्स कैसे आपकी इमेज को कैसे बदलती है | 

और सभी कैमरा मोड्स के बारे में कोनसे मोड से क्या होता है | आपको अपने कैमरा से प्रक्टिस करने की जरुरत है ये photography बेसिक्स का इस्तेमाल आप केवल कैमरा ही नहीं बल्कि smartphone में भी कर सकते है क्यूंकि आजकल उनमे भी इसी तरह के कंट्रोल्स दिए गए है | 

इसी के साथ इस आर्टिकल को यही खत्म करते है आप प्रक्टिसे करते रहिये और ये आर्टिकल पसंद आया तो शेयर जरूर कीजिये | इससे हमें और आर्टिकल बनाने का मोटिवेशन मिलेगा |