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हम में से   काफी सारे लोग फोटोज खींचते है और रोजाना न जाने कितनी ही तस्वीरें खींची और डिलीट करि जाती है | क्या हम अपने दिमाग को इस तरह से चला सकते है की जो भी हम फोटो खींचे उसके पीछे कोई न कोई कहानी जुडी हो ?

इसका जवाब है बिलकुल हाँ | यह टॉपिक इसी चीज से जुड़ा है और इसका नाम है स्टोरी टेलिंग मतलब कहानिया बताना | इसमें मै आपको सिखाऊंगा की किस तरह से आप कुछ आसान से चीजों का इस्तेमाल करके कही भी स्टोरी बता सकते है | 

और आपकी हर तस्वीर बोल उठेगी कुछ कहानिया | 

इस आर्टिकल को शुरू करने से पहले यह जानना जरुरी है की आपका तस्वीर लेने के पीछे क्या कारन है | यदि आपको यह क्लियर हो जाएगा तो आपकी तस्वीर इसी बात पर ही निर्भर करेगी | 

हो सकता है की आप तस्वीर किसी क्लाइंट के लिए लेना चाहते हो | या हो सकता है की तस्वीर आपको सिर्फ इंस्टाग्राम पर अपने दोस्तों को दिखने के लिए खींचनी है | कारन कुछ भी हो बस आपके दिमागी में यह बात आनी हे चाहिए की ये तस्वीर किस के लिए खींच रहा हु और इसका क्या महत्व है | 

चलिए शुरू करते है स्टोरीटेलिंग | मै कोई बहुत महान फोटोग्राफर या एक्सपर्ट नहीं हु | बस मै एक अच्छा आब्जर्वर हु जिसके वजह से आपको ये सब बाते बतादेता हु | 

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स्टोरी टेलिंग में तीन चीजे बहुत जरुरी रोल प्ले करती है | और वो तीन चीजे है | 

1 अपने सब्जेक्ट के बारे में जानकारी 

आपका कोई भी सब्जेक्ट हो आपको उसकी जानकारी होनी ही चाहिए | मानलीजिए आप स्ट्रीट फोटोग्राफी करने के लिए चांदनी चौक दिल्ली जा रहे है | तो वहां जाने से पहले आपको वहां के लोगो के बारे में जानकारी होनी जरुरी है | चांदनी चौक की मैन सड़क पर ज्यादातर लेबर क्लास काम करती है और हर दहाराम के लोग वहां रहते है | इस वजह से आपको उनकी सुबह की दिनचर्या के बारे में जानने का मौका मिल सकता है अगर आप सुबह जल्दी वहन पहुंच जाए तो | और किसी सब्जेक्ट से बात करके आप उसे अपने कैमरा में भी कैप्चर कर सकते है | 

अब आप कहेंगे की मै बात करने में शर्माता हु तो कैसे बात करू या मुझे दर लगता है की कही मना न करदे | तो दोस्तों इसमें कोई बुरी बात नहीं है ज्यातर लोग हाँ ही बोलेंगे अगर आप अछि मुस्कान के साथ उनसे बात करेंगे | 

और अगर एक दो ना बोल भी दे तो कोनसा कुछ होजाएगा एक फोटो ही तो है | ज़िन्दगी में ना लेना सीखो | 

कभी कभी आपका सब्जेक्ट आपसे बदले में पैसे भी मांगता है तो उसकी मदद आप वसे भी कर सकते हो | 

चलिए फिरसे स्टोरी टेलिंग पर आते है | 

स्टोरी टेलिंग का दूसरा हिस्सा है | 

रंग 

रंगो से हमारा दिमाग सीधा जुड़ा है हमारे चारो तरफ रंग ही रंग है और हमारा दिमाग इन्हे कैप्चर करता है और संकेत देता है | की हम किस रंग को देख रहे है और वो हमें किस तरह की बात केहरहा है | रंगो की अपनी अलग भाषा होती है और ये भाषा बहुत से फिल्ममेकर्स या advertisers इस्तेमाल करते है ह्यूमन साइकोलॉजी पर | 

यदि आप इन रंगो के बारे में जानलेँगे तो आपको अपनी स्टोरीटेलिंग टेक्निक सुधरने में सहायता मिलेगी | 

निचे दिए गए फोटोज में बताया है की कोनसा रंग का कार्य क्या होता है | उन्हें अच्छे से देखे और समझे की 

रंगो से आप किस तरह से कहानिया बयां कर सकते है | 

आपको एक उदाहरण देता हु कल्पना कीजिये की एक माँ अपने बच्चे को लेकर बैठी है एक्सप्रेशनलेस काफी अच्छे डाले हुए है और आपको कहा गया उनकी तस्वीर लेने को | अपनी दो तस्वीरें ली एक ब्लैक एंड वाइट और दूसरी कलरड जिसमे माँ का पहना पीले रंग का सूट खुद ब खुद ख़ुशी बायां कर रहा है अब अगर माँ हसे भी न तो भी उस तस्वीर से यह समझा जा सकता है की माँ खुश है | वही दूसरी और जिसमे रंग नहीं है और माँ के चेहरे पर भी किसी प्रकार का कोई भाव नहीं है तो सबको यही लगेगा की कितनी उदास है ये माँ | 

इस तरह से विभिन्न रंगो का इस्तेमाल से आप अपनी तस्वीर में जान डाल  सकते है| 

स्टोरीटेलिंग का तीसरा हिस्सा है 

कम्पोजीशन 

Composition एक तरह से सभी एलिमेंट्स को जोड़ना जैसे की लाइट, फ्रेम , सब्जेक्ट, कैमरा एंगल, सही सेटिंग जिसके जरिये एक अच्छी इमेज त्यार हो उसे कहते है इसके लिए कुछ रूल्स होते है जो अगर आप नहीं भी फॉलो करेंगे तो चलेगा लेकिन अगर फॉलो करेंगे तो  आपको आपकी फोटोग्राफी में अंतर् दिखने लगेगा | 

यह रहे वो रूल्स | 

जैसा की अपने देखा ये तीनो चीजों को अगर सतह में जोड़दिया जाए तो आप किसी भी फोटो से स्टोरी बता सकेंगे लेकिन इन सब के साथ साथ जरुरी चीज है टाइमिंग आपका सही टाइम पे सही जगह होना बहुत जरुरी है जिसकी वजह से आपको मोमेंट्स मिलेंगे कैप्चर करने के लिए | 

तो यह थे कुछ टिप्स एक पिक्चर से स्टोरीटेलिंग के लिए | अब जरुरी नहीं की आप ये हमेशा फॉलो करे जब आपका मन करे इन्हे फॉलो करे और सबसे बड़ी बात जो भी आप तस्वीर खींचे उस समय सिर्फ आप तस्वीर हे खींचे और कोई कार्य न करे |